पूर्व उप प्रधानमंत्री और राम मंदिर के प्रमुख नेता लालकृष्ण आडवाणी को को भारत रत्न मिलेगा। राम मंदिर आंदोलन को गति देने का श्रेय उन्हें ही है।
विभिन्न मंत्रालय
उन्होंने भारत के उप प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में देश की सेवा की।
संसदीय सेवा
उनका संसदीय योगदान हमेशा याद किया जायेगा। शुचिता, पारदर्शिता और राजनीतिक नैतिकता के अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए।
भा ज पा
50 साल राजनीति में रहे और अटल बिहारी वाजपेई के बाद नंबर दो की हैसियत पर बने रहे। वे भाजपा के तीन बार अध्यक्ष बने।
दूसरे नेता
पूर्व पी एम वाजपेई के बाद दूसरे भाजपा नेता हैं जिन्हें भारत रत्न दिया जा रहा है। उन्हें 2015 में पद्म विभूषण मिल चुका है।
कब क्या ?
1970-89 तक राज्य सभा सदस्य रहे 1989, 1991, 1998, 1999, 2004, 2009 व 2014 में गुजरात की गांधी नगर सीट से लोकसभा सांसद रहे। 2002-2004 तक उन्होंने उपप्रधानमंत्री का जिम्मा संभाला।
बेदाग
उनका 50 साल का राजनीतिक जीवन बेदाग रहा। उन्हें जब हवाला कांड में फंसाने की कोशिश की गई, तब सबसे पहले इस्तीफा देकर कहा कि वे इस मामले में बेदाग निकलने तक चुनाव नहीं लड़ेंगे।
मुंह बंद होगा
मोदी का यह निर्णय भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं को नया उत्साह व ऊर्जा देगा।साथ ही उन लोगों का मुंह बंद हो जाएगा जो आडवाणी को लेकर मोदी की आलोचना करते हैं।
मास्टर स्ट्रोक
पहले सामाजिक न्याय के पुरोधा कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर मंडल को, फिर राम मंदिर के नायक आडवाणी को भारत रत्न देकर कमंडल को साध लिया। विपक्ष को मौका नहीं दे रहे।