गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में हार्ट अटैक के मामले बहुत बढ़ जाते हैं। 

सर्दियों में अधिक स्ट्रोक 

इस मौसम में 60 वर्ष से ज्यादा आयु वालों को स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है।

60 वर्ष से ज्यादा 

मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्त चाप वाले लोगों हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है। 

किनको अधिक खतरा 

सर्दियों में अन्य मौसम की तुलना में खतरा इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि विटामिन डी और शरीर के तापमान में कमी के कारण खून गाढ़ा हो जाने से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। 

कारण एक 

सर्दियों में चलने वाली तेज सर्द हवा शरीर के तापमान कम कर देती है जिससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। 

कारण दो  

खून की धमनियों में वसा जमने से रक्त वाहिकाओं या नलियों में सिकुड़न हो जाने से मस्तिष्क में खून का प्रवाह बाधित होने पर स्ट्रोक पड़ता है। 

हार्ट स्ट्रोक

मस्तिष्क के भीतर खून की धमनियों के फटने पर ब्रेन हेमरेज होता है।

ब्रेन हेमरेज 

आजकल युवाओं में भी स्ट्रोक के खतरे तेजी से देखने को मिल रहे हैं। ऐसा अनियमित जीवन शैली, अल्कोहल, धूम्रपान, जंक व फास्ट फूड के चलन के कारण हो रहा है। 

युवाओं में भी 

सीने में जलन व दर्द, दबाव, सांस लेने में दिक्कत, हाथ, कमर, गर्दन, जबड़े में दर्द, पैर, टखने और तलवों में सूजन।

लक्षण

खाने में नमक कम लें, वजन न बढ़ने दें, कड़ाके के ठंड से बचे, टहलने की आदत डालें, योगासन करें, स्वास्थ्य की नियमित जांच, बी पी पेशेंट दवाओं का सेवन करते रहें। 

कैसे बचें ?

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