कैसे निकलें बाहर ?

कैसे बाहर निकलें ९९ के चक्कर से

सही कीमत

हमें धन की सही कीमत पहचानना चाहिए। 

सब मिट्टी 

हमने लाख कमाया या करोड़, मरने के बाद तो सब मिट्टी हो ही जाना है। फिर 99 का चक्कर क्यों ? 

धन की सीमा 

अधिकांश लोग धन की सीमा नहीं तय कर पाते। 

मोह में वृद्धि 

ज्यों ज्यों धन बढ़ता जाता है, हमारा धन के प्रति मोह बढ़ता जाता है।

आकर्षण 

कितना आश्चर्य है कि मरते दम तक धन का आकर्षण बना रहता है।

धनी भी पागल

जिनके पास बहुत धन आ गया है वो भी धन के पीछे अंतहीन, बेतहाशा पागल होकर भाग रहे हैं।

लाइफस्टाइल 

हालांकि अधिक धन उनकी लाइफ स्टाइल में कोई परिवर्तन नहीं ला रहा होता है। 

धन नहीं खरीद सकता 

हमें दिन में कम से कम एक बार उन चीजों पर विचार करना चाहिए जिन्हें धन से नहीं खरीदा जा सकता। 

जो धन नहीं दे सकता

अधिक धन अच्छी नींद, सुख, शांति, रिश्ते, स्वास्थ्य नहीं दे सकता। 

अमीरी केवल धन से नहीं 

अमीरी केवल धन आने से नहीं आ सकती। 

धन वाले गरीब

उन्हें जिनके पास सिर्फ धन है,  उनसे गरीब कोई भी नहीं है।