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क्या होते हैं ज्वार में पोषक तत्त्व

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ज्वार के सेवन से होने वाले लाभ 

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ज्वार से बनने वाले उत्पाद 

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ज्वार के आटे का हलवा की सामग्री 

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ज्वार हलवा बनाने की विधि 

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ज्वार या Sorghum एक प्रमुख फसल है जो कम वर्षा वाले क्षेत्रों में अनाज और पशु चारे के लिए बोई जाती है। 

शुष्क क्षेत्रों की मुख्य फसल

ज्वार में अनेक पोषक तत्त्व पाए जाते हैं जैसे मिनरल्स, प्रोटीन, फाइबर्स, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, पोटेशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, आयरन। जबकि वसा की मात्रा कम होती है। 

पोषक तत्त्व

ज्वार फाइबर का अच्छा स्रोत है। भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है और वजन कम करने में सहायक है। दांतों, हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

क्या करता है ?

ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण शुगर नियंत्रण में सहायक है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम व पोटेशियम उच्च रक्तचाप को कम रखकर हृदय रोगों से रक्षा करते हैं। 

क्या हैं लाभ ?

ज्वार में मौजूद लायसीन, एंटी ऑक्सीडेंट्स और फिनोलिक्स फ्री रेडिकल्स को रोकता है जिससे उम्र का प्रभाव कम पड़ता है और चेहरे पर लंबे समय तक ग्लो बना रहता है। 

फायदे 

ग्लूटन फ्री होने के कारण सेलियक रोग नहीं होने देते जिससे गेहूं से एलर्जी वाले लोगों को बहुत लाभ मिलता है।

अन्य लाभ

ज्वार से आम तौर पर रोटी बनाई जाती हैं। दलिया एवं चावल के रूप में इसका सेवन भी लोकप्रिय है। अन्य व्यंजन हैं हलवा, डोसा, इडली, उपमा, लड्डू, केक, बिस्किट, बर्गर, नमक पारा आदि।

व्यंजन

ज्वार का आटा  1 कप  गुड़  1 कप  दूध  1 कप  घी या मक्खन  1 कप इलायची पाउडर एक चुटकी

प्रयुक्त सामग्री

एक पैन में घी या मक्खन डालकर ज्वार का आटा डालकर अच्छे से सुगंध आने तक भून लें। अब दूध डालें।

बनाने की विधि – I

अब धीमी आंच पर मिलाते जाएं। गुड़ की चाशनी बना लें। दूध और चाशनी डालते हुए आटे को मिलाते जाएं।

बनाने की विधि – II

अब इस मिश्रण को देखते रहें। जब मिश्रण घी छोड़ने लगे, तब गैस बंद कर लें। तले हुए सूखे मेवों से सजाएं और परोसें। 

बनाने की विधि – III

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