उचित व्यय

कैसे करें धन का उचित व्यय ?

अधिक

पहले के लोग जब भी धन उनकी आवश्यकता से अधिक हो जाता था, तब वे उसे समाजोपयोगी कार्यों जैसे धर्मशाला,तालाब बनाने आदि में लगाने लगते थे। 

स्वकेन्द्रित 

अब हम स्वकेंद्रित हो गए हैं, धन को भोग विलास में उड़ा देते हैं,या दबाकर बैठ जाते हैं, उसे समाज उपयोगी कार्यों में नहीं लगाते । 

ऊर्जा 

धन वस्तु की तरह न होकर ऊर्जा की तरह है। इसका इस्तेमाल नहीं किया तो वह नष्ट हो जाएगा। 

रूपांतरण 

धन का समाजोपयोगी कार्यों में रूपांतरण अवश्य किया जा सकता है, जो आपको संतुष्टि और कीर्ति प्रदान करेगा। 

टूरिस्ट

याद रखिए, हम इस प्लेनेट पर एक टूरिस्ट की तरह हैं, मात्र कुछ वर्षो के लिए ही, अंत में सभी को खाली हाथ लौट जाना है।

सरप्लस धन

इसलिए अपनी आवश्यकताओं और शौक पूरा करने के बाद बचे सरप्लस धन को समाजोपयोगी कार्यों में अवश्य लगाएं।