क्यों हैं हम ग्लोबल नैरेटिव सेट करने में साबित  हो रहे हैं फिसड्डी?  (भाग तीन )

हमला

राम मंदिर पर गलत नैरेटिव सेट करने की कोशिश वास्तव में अयोध्या की आड़ में मजबूत होते भारत पर हमला है। ये विरोध स्पॉन्सर्ड है। पेड फेक न्यूज पेडलर्स भारत विरोध में सक्रिय हैं।

कोई महत्व नहीं

हर बड़ा देश अपने हितों के लिए मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रहा है। हम भले पांचवीं नंबर की इकोनॉमी हो गए हों पर हमारी मीडिया का विश्व पटल पर कोई महत्व नहीं है।

पहचान

हम अपनी सही बात भी मजबूती से ग्लोबल स्तर तक नहीं पहुंचा पाते हमारा एक भी चैनल ऐसा नहीं है जिसकी वैश्विक क्या, एशिया स्तर तक में भी पहचान हो ।

सोल्जर्स

भारत जो थोड़ी बहुत लड़ाई लड़ रहा है, वो सोशल मीडिया के जरिए लड़ रहा है। भारत के इन बहादुर सोशल मीडिया सॉल्जर्स की संख्या, आवाज और प्रभाव दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

सीख

हमें ग्लोबल नैरेटिव के लिए कार्य करना होगा। अगर हम इंटरनेशनल लेवल पर अपनी बात को मजबूती से  रखने लायक नहीं बनेंगे, तब हम कभी वास्तव में वर्ल्ड पावर नहीं बन पायेंगे।

अंबानी अडानी

अंबानी और अडानी के बड़े बड़े मीडिया संस्थान हैं। इनको भी इन्हें ग्लोबल स्तर पर ले जाना चाहिए ताकि भारत की आवाज को विश्व स्तर पर गंभीरता से लिया जाए।

टाटा

टाटा का भारत प्रेम, निष्पक्षता, ईमानदारी, धर्म निरपेक्षता और समाज सेवा के लिए जग प्रसिद्ध हैं। उन्हें भारत पर इन विदेशी हमलों का उत्तर देने के वैश्विक चैनल बनाना चाहिए।

जवाब

भारत को इस कमजोरी को स्वीकार कर इससे उबरने के लिए तेज प्रयास करने होंगे। तभी विश्व पटल  पर हमारी आवाज सुनी जायेगी व हम झूठा नैरेटिव सेट करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दे सकेंगे।

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