उ.प्र.विधानसभा बेहद खामोशी से हुए बड़े परिवर्तन चर्चा में सतीश महाना (भाग दो)

सात सत्र

आजादी के बाद पहला मौका है जब लगातार सात सत्र शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। इसका क्या कारण है ?

नया चलन

पहले पार्टियों को बोलने का समय विधायकों की संख्या के आधार दिया जाता था। महाना जी यह परंपरा बंद कर सत्ता व विपक्ष को बराबर समय देना शुरू किया।

प्रश्न

अब सदस्य दो पूरक प्रश्न पूछ सकते हैं। इससे सदस्यों को सत्ता पक्ष से अधिक प्रश्न पूछने और जवाब पाने ने मदद मिली।

अनूठा सत्र

सितंबर 2022 में 38 महिला विधायकों का अनूठा सत्र का आयोजन किया गया। समाजवादी विधायक सईदा खातून स्पीकर की सीट पर बैठी। महिलाओं के ही कार्यवाही संभाली।

छवि

विधायकों की छवि सुधार में रुचि ली। डॉक्टर, इंजीनियर, एम बी ए आदि पेशेवर डिग्री वाले विधायकों की सूची बनाई और उनके साथ अलग बैठकें भी की।

अन्य

विधायकों के जन्मदिन बनाने की परम्परा प्रारंभ की।विधायक को कैंटीन न जाना पड़े, इसके लिए एक कॉफी लॉबी बनाई।

नया रंग रूप

विधान भवन की इमारत को भी नया रंग रूप दिया गया है, जिसमें बाहर से लगाई गई रंग बदलने वाली लाइटें शामिल हैं।

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