एंगर रूम अब गुस्से से उबरने के लिए सेंटर्स

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एंगर रूम अब गुस्से से उबरने के लिए सेंटर्स

कई बार छोटे बच्चे अपनी भावनाएं जताने के लिए अपने खिलौनों को तोड़कर कुछ राहत अनुभव करते हैं। बड़े होने पर भी कभी कभी हम इसी तरह से भड़ास निकालने की आवश्यकता पड़ती है।

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एंगर रूम क्या होता है?

अब बड़े शहरों में एंगर रूम या क्रोध कक्ष, स्मैश रूम, रेज रूम का चलन बढ़ गया है। क्रोध कक्ष ऐसा कमरा होता है जहां लोग वस्तुओं को नष्ट करके अपना गुस्सा निकलते हैं। मशीनों को तोड़कर और शीशों को चकनाचूर कर वे अपना तनाव कम कर सकते हैं। आजकल के तनाव भरे माहौल में गुस्सा आना आम बात है, लेकिन गुस्से को कहीं निकलने के बजाय मन में रखना बहुत गलत और हानिकारक साबित होता है।

एंगर कंट्रोल कैसे करें?

कुछ लोगों की बड़ी कमजोरी गुस्सा होती है।उन्हें हर छोटी बड़ी बात पर बहुत गुस्सा आता है और फिर वे खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाते। गुस्सा कंट्रोल करने के लिए कोई चिल्लाता है, कोई पानी पीता है, कोई मंत्रों का जाप करता है, तो कोई कुछ गुस्से में अनेक लोगों को सामान तोड़ने का मन करता है, अगर आपके साथ ऐसा कुछ करने का मन कर रहा है, तब आपको एंगर रूम में जाना होगा।

क्रोध से सेहत व रिश्ते दोनों खराब

गुस्से को कहीं उतारने की बजाय अपने मन में रखना खतरनाक है। कई बार गुस्से में की गई हरकतों का अहसास बाद में होता है और तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। गुस्सा हमारी सेहत और रिश्तों दोनों को नुकसान पहुंचा चुका होता है।

डिस्ट्रक्शन थेरेपी

अब भड़ास व गुस्सा निकलने के लिए कुछ लोग कमरे में रखे पुराने, बेकार और कबाड़ के सामान जैसे म्यूजिक सिस्टम, टी वी, डिब्बे वगैरह को तोड़, फोड़, चीर, काट कर राहत और आनंद का अनुभव करते हैं। ऐसा करके सदमें से उबरने में भी मदद मिलती है। मनोवैज्ञानिक इसे डिस्ट्रक्शन थेरेपी कहते हैं। इसका अर्थ है गुस्से से उबरने के लिए कुछ बर्बाद कर देना।

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एंगर बाहर निकालने के उपाय

मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि गुस्सा बुनियादी भावना है और उसे बाहर निकाला ही जाना चाहिए। इसके लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं, कुछ लोग गुस्से में जिम पहुंच कर कसरत शुरूकर देते हैं, तो कुछ लोग संगीत सुनकर गुस्सा शांत करते हैं। कभी कभी पानी पीने और 20 से उल्टी गिनती करना जैसे छोटे छोटे उपाय भी काम कर जाते हैं। पर कुछ लोगों के लिए सामान तोड़ना गुस्सा दूर करने का रास्ता हो सकता है।

एंगर रूम की शुरुआत जापान से

एंगर रूम सन 2000 में जापान में तब शुरू हुआ था जब आर्थिक संकट के कारण कामगारों में स्ट्रेस व फ्रस्टेशन बहुत बढ़ गया था।ये विचार तेजी से सर्बिया, ब्रिटेन, अर्जेंटीना, अमेरिका में फैल गया।

भारत में एंगर रूम का विस्तार

अतुल मालीकराम ने 2017 में इंदौर कैफे भड़ास खोला था। फिर इस तरह के अनेक सेंटर अनेक शहरों में खुलते गए। रेंज रूम, ब्रेक रूम, एंगर रूम, स्मैश रूम, डिस्ट्रक्शन रूम आदि नामों से खुले हैं। भारत में 1917 से इंदौर, हैदराबाद, इंदौर, गुड़गांव में तेजी से बढ़ा। एंगर रूम मार्केट में ये कंपनियां सक्रिय हैं

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क्रोध कक्ष की कंपनियां

Anger Room, The Smash Room, The Rage Cage, The Break Room, The Wrecking Club, The Destruction Room, The Anger Management Room, The Demolition Room, The Venting Place

एंगर रूम से जुड़े स्लोगन व मुद्दे

रेज़ रूम के मालिक कबाड़ से अनेक तरह को वस्तुएं खरीदकर कमरे में सजा देते हैं जिनको शुल्क देकर रूम में जाने वाला व्यक्ति तोड़ा फोड़ा करता है।
इसमें अनेक तरह के स्लोगन लिखे रहते हैं जैसे A smash a day keeps the anger away. Destroy it & Forget it. Some people run , I smash.
उन्हें दीवार पर वे मुद्दे लिखने पड़ते हैं जो उनकी परेशानी की मुख्य वजह होते हैं। एंगर रूम में अक्सर ब्रेकअप, धोखा, बेरोजगारी, गरीबी और भ्रष्टाचार जैसे शब्द लिखे मिलते हैं।

एंगर रूम जाने की तैयारी कैसे करें?

कबाड़ियों से अनेक प्रकार का बेकार सामान लेकर कमरे में भर दिया जाता है। फिर स्पैनर, स्टिक, हथौड़ा लेकर आदमी को उस कमरे में भेज दिया जाता है। उस कमरे में एंट्री लेने से पहले शख्स को सेफ्टी सूट,जैकेट, हेलमेट, ग्लव्स, फेस शील्ड, मास्क, गम बूट्स पहनना पड़ता है ताकि वे स्वयं अपने को ही घायल न कर लें। तोड़ फोड़ से जो कचरा होता है, उसे रीसाइक्लिंग के लिए भेज दिया जाता है और हर रविवार को नया माल़ आ जाता है।

एंगर रूम का खर्च

20 मिनट तक भड़ास निकालने के लिए अमूमन लोग यहां 300 से 3000 रुपए तक चुकाते हैं। एंगर रूम में प्रवेश की निम्नतम आयु 18 वर्ष की होनी चाहिए।

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क्रोध के कारण से जुड़े सामान ही रखे जाते हैं।

आने वाला शख्स जिस वजह से गुस्सा होता है, उससे जुड़ा हुआ सामान ही एंगर रूम में रखा जाता है। मान लीजिए प्रेमी या प्रेमिका से झगड़ा हुआ है तो कमरे में गिफ्ट बॉक्स, दिल की आकृति के गुब्बारे, बेड शीट और रोमांटिक तस्वीरे भरी रहेंगी, जिन्हें तोड़ा व फोड़ा जायेगा।
दफ़्तर की किसी बात पर भड़ास निकालनी है तो मेज, कुर्सी, फोन, कंप्यूटर आदि रखकर कमरे में ऑफिस का माहौल बनाया जाता है।

कॉरपोरेट बल्क पैकेज

व्यक्तिगत और कपल्स की भागीदारी करने के साथ ही साथ आज अनेक कॉरपोरेट ग्रुप भी अपने कर्मचारियों के लिए बल्क पैकेज ले रहे हैं।

एंगर रूम की बढ़ती लोकप्रियता

स्ट्रेस को रिलीज करने करने और एंजाइटी, फ्रस्टेशन को समाप्त करने के लिए एंगर रूम की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।

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गुस्सा न निकला तब और नुकसान

अगर एंगर रूम नहीं होंगे तो कोई अपनी भड़ास कैसे निकलेगा? क्या वह घर जायेगा और वहां सामान तोड़ना शुरू कर देगा? क्या वो सार्वजनिक संपति को नष्ट करेगा? क्या वह लोगों पर हमला करेगा? इससे दिमाग गुस्से को हिंसक तरीके से निकालना सीख जाता है, जो सही नहीं है।

फौरी राहत देने वाला

यह बेवकूफी भरी बात हैं मगर बेवकूफी भरे दूसरे तरीकों की तरह यह भी काम कर जाता है। सामान तोड़ने से उस पल में तो आपकी भड़ास निकल जाती है, मगर हमेशा के लिए दूर नहीं होती। इसके तत्काल थोड़े से फायदे नजर आ सकते हैं, पर इससे पूरा लाभ नहीं मिलता। डिस्ट्रक्शन थेरेपी का यह तरीका इलाज से बिल्कुल उलट है। इससे दिमाग को सिखा दिया जाता है कि उसे नतीजों के बारे में सोचना ही नहीं है।

लंबे समय के लिए हानिकारक

गुस्सा निकालने के लिए चीजें तोड़ना फोड़ना कुछ लोगों के लिए इलाज हो सकता है। मगर गुस्से को काबू करना सिखाने वाले विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे कुछ समय के लिए ही राहत मिल सकती है और गुस्से की समस्या ठीक से नहीं संभाली गई तो भारी नुकसान हो सकता है।

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