भारतीय दूर संचार अधिनियम 2023 लोकसभा से पारित

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भारतीय दूर संचार अधिनियम 2023 लोकसभा से पारित

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आजादी से पहले के अधिनियम चल रहे थे

देश में भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम 1885 ,भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम 1933 और टेलीग्राफ वायरस ( गैर कानूनी कब्जा) अधिनियम 1950 दूरसंचार से संबंधित नियम चल रहे थे।

भारतीय दूर संचार अधिनियम 2023

इन तीनों अधिनियम को समाप्त कर इनका  स्थान लेने वाला भारतीय दूरसंचार विधायक 2023 लोकसभा में 20 दिसंबर 2023 को ध्वनि मत से पारित हो गया।

सुरक्षा

इस विधेयक  देश में टेलीकॉम नेटवर्क को किसी बाहरी हमले से बचाने के लिए वैधानिक फ्रेमवर्क शामिल किया गया और साइबर सुरक्षा का व्यापम नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव  किया गया है।

इंटरसेप्ट

कॉल को इंटरसेप्ट करने या बीच में सुनने के लिए जो प्रावधान या नियम पहले थे उन्हें बनाए रखा गया है।

डिजिटल भारत निधि

डिजिटल भारत निधि की स्थापना की गई है और इससे नई प्रौद्योगिकी की एवं नए उत्पादों के विकास के लिए मदद मिलेगी।

40 लाख से अधिक लोग रोजगार

लोकसभा में संक्षिप्त चर्चा के बाद संचार, सूचना, प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने उत्तर में कहा कि इस विधेयक में टेलीकॉम उद्योग में 40 लाख से अधिक लोग रोजगार मिला है।

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यत्र तत्र सर्वत्र दूर संचार

डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा हो यूपीआई हो या बैंकिंग हर डिजिटल गतिविधि के पीछे टेलीकॉम होता है और इस विधेयक के माध्यम से उसे मजबूत करने का प्रयास किया गया है। इस विधेयक के पारित होने से दूरसंचार उद्योग में लचीलापन आएगा।

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दूरसंचार लाइसेंस प्रणाली में संशोधन

विधेयक में दूरसंचार लाइसेंस प्रणाली में संशोधन करता है ।दूर संचार सेवा प्रदाता के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ।अलग-अलग लाइसेंस की जगह एक ही जगह पंजीकरण एवं ऑथराइजेशन कराना होगा। ओ टी टी को इससे अलग किया गया है। स्पेक्ट्रम के आवंटन की प्रक्रिया को सुधारा गया है ।

स्पेक्ट्रम प्रशासनिक आधार पर तय 

सेवा, सुरक्षा बल पुलिस, वन विभाग, रेलवे, मेट्रो, अंतरिक्ष वैज्ञानिकों, रेडियो, टेलीविजन सेवाएं, विमान परिचालन सहित 19 प्रकार की सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम प्रशासनिक आधार पर तय किया जाएगा। बाकी सब के लिए निविदाएं आमंत्रित  की जाएगी।

केंद्र सरकार को अधिकार

केंद्र सरकार किसी भी फ्रीक्वेंसी रेंज का उद्देश्य दोबारा तय कर सकती है या उसे दोबारा आवंटित कर सकती है। केंद्र सरकार किसी भी स्पेक्ट्रम की शेयरिंग, ट्रेडिंग, लीजिंग और उसे सरेंडर करने की अनुमति दे सकती है।

मोबाइल सिम हासिल करने की प्रक्रिया

नई दूरसंचार कानून में मोबाइल सिम हासिल करने की प्रक्रिया को पासपोर्ट की तर्ज पर पारदर्शी एवं विश्वसनीय मनाया जा रहा है जिसमें सिम को आधार कार्ड से लिंक करना के वाई सी सत्यापन करना और उपयोगकर्ता की जिम्मेदारी तय करने के प्रावधान किए गए हैं। दूसरे के नाम से सिम लेना दंडनीय अपराध करार दिया गया है।

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अवांछित कॉल दंडनीय अपराध बना दिया गया

मोबाइल फोन पर अवांछित मार्केटिंग कॉल की बीमारी को दूर किया जा सकेगा । डू नॉट डिस्टर्ब (डी एन डी) में रजिस्टर करने के बावजूद अवांछित कॉल दंडनीय अपराध नहीं थी, लेकिन नए  कानून में इसे दंडनीय अपराध बनाया गया है ।

इंटरसेप्ट, मॉनिटर या ब्लॉक करने का अधिकार

दूरसंचार संवाद को सुनने या इंटरसेप्शन और तलाशी के अधिकार के अंतर्गत दो या अधिक व्यक्तियों के बीच संदेशों कुछ आधारों पर इंटरसेप्ट, मॉनिटर या ब्लॉक किया जा सकता है।

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राइट टू वे

सुविधा प्रदाता दूर संचार अवसरंचना स्थापित करने के लिए सार्वजनिक यानिजी संपत्ति में राइट टू वे की मांग को स्वीकार किया गया है।

दंडात्मक प्रावधान की व्यवस्था

दंडात्मक प्रावधानों में ऑथराइजेशन के बिना दूरसंचार सेवाएं प्रदान करना या दूरसंचार नेटवर्क या डाटा तक अनाधिकृत पहुंच प्राप्त करना, 3 साल की कैद, 2 करोड रुपए तक का जुर्माना या दोनों से दंडनीय अपराध बनाया गया है। ऑथराइजेशन के नियमों व शर्तों का उल्लंघन करने पर 5 करोड रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अनाधिकृत उपकरण रखने या अनाधिकृत नेटवर्क या सेवा का उपयोग करने पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।

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